रात भर दर्द था कल

रात भर दर्द था कल
मन के किसी कोने में,
आज भी गम कहाँ कम
डर रहे हैं सोने में।
आज दिल में
ज़रा सी राहत है ,
जब सुना आपके मन में
हमारी चाहत है।


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20 Comments

  1. Suman Kumari - August 9, 2020, 3:28 am

    सुन्दर

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 9, 2020, 6:57 am

    वाह वाह

  3. MS Lohaghat - August 9, 2020, 7:51 am

    सादर धयवाद

  4. MS Lohaghat - August 9, 2020, 7:52 am

    रोज सुन्दर कविता सुनाते हैं आप

  5. Geeta kumari - August 9, 2020, 8:26 am

    सुंदर भाव

  6. Vasundra singh - August 9, 2020, 11:46 am

    सुन्दर

  7. Ambuj Singh - August 9, 2020, 1:45 pm

    बहुत खूब

  8. Ramesh Joshi - August 10, 2020, 2:48 pm

    Bahut khoob

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