राधे कृष्ण सा प्रेम धागा

हवा में उड़ाओ पतंग,
खुद को जमीं पे खड़ा रखो।

दान धर्म करके बंधुवर,
अपना दिल भी बड़ा रखो।

घमण्ड रुपी पतंग कटवाकर,
सपनों को बुलंद रखो।

रंग-बिरंगी पतंगों जैसा ,
परचम अपना लहराए रखो।

धागे अनेक रंगों के,
पकड़ मजबूत बनाए रखो।

कच्चा हो या पक्का धागा,
उलझने से बचाए रखो।

प्रेम का धागा पक्का होता,
उसपे विश्वास बनाए रखो।

राधा-कृष्ण सा प्रेम धागा,
दिल में सदा संजोए रखो।

घर, परिवार, यार, दोस्त
सबको धागे से बांधे रखो।।

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  1. जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती हुई बहुत सुंदर रचना

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