राष्ट्रकवि:- रामधारी सिंह दिनकर’ को नमन

दिनकर ऐसा सूर्य है जिसने
हिन्दी जगत को अपनी लेखनी की
किरणों से चमकाया
देशहित में लिखकर
देश का गौरव खूब बढ़ाया
जिनके सूर्यातप के आगे
शशि भी मलिन हो जाए
ऐसे राष्ट्रकवि को प्रज्ञा
शीश नवाए
हिन्दी की खड़ी बोली का गौरव
दिनकर ने खूब बढ़ाया
उर्वशी लिखकर दिनकर जी ने
हिन्दी साहित्य को एक रत्न
चढ़ाया
मीठी सरल, सरस भाषा में दिनकर जी
लिखते थे
पीड़ितों के दर्द को अपने
काव्य में स्वर देते थे
राष्ट्र चेतना जगाकर कवि ने
विश्व में ख्याति है पाई
बाल साहित्य और गद्य-पद्य
दोनों विधा अपनाई
पद्मविभूषण और मिला
ज्ञानपीठ पुरस्कार
रामधारी सिंह ‘दिनकर को
जन्म दिवस पर हम सबका
नमस्कार…

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Responses

  1. बहुत खूबसूरती रचना और उसकी सुंदर प्रस्तुति। रामधारी सिंह दिनकर जी के बारे में बहुत ख़ूब लिखा है प्रज्ञा । दिनकर जी के जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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