रुके कदम….

एक बार रुके कदम फिर चलने लगे
उनकी रूह की आग में हम पिघलने लगे
हाथ अगर होता उनका मेरे हाथ में
तो जहान सारा बदल देता
लेकिन अकेले ही गिरके हम समलने लगे
एक बार रुके कदम फिर चलने लगे ……..!!!

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2 Comments

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 11, 2019, 12:27 am

    वाह बहुत सुंदर

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