लगाव

दिल में लगा एक घाव हो गया
हर प्रश्न का जवाब हो गया
हमे पता ना चला
शायद हमे भी उनसे लगाव हो गया !

देर तक सोते थे
अब खुली आँखों का ख्वाब हो गया
उसके आने से ज़िन्दगी में
सब कुछ लाजवाब हो गया

मुझे समझने वाला वो
खुली किताब हो गया
ज़िन्दगी की दौड़ में जीता
वो खुशियों का ख़िताब हो गया

अभी मिले ही थे
नजाने कहा गायब हो गया
उसके ना मिलने पर
आँखों से आंसू निकले
तब हमे पता चला
हमे भी उनसे लगाव हो गया


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6 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - July 19, 2020, 7:06 am

    सुन्दर भाव

  2. Priya Choudhary - July 19, 2020, 8:51 am

    Nice

  3. Anjali Gupta - July 20, 2020, 1:14 am

    nice

  4. Satish Pandey - July 21, 2020, 7:41 pm

    nice

  5. Geeta kumari - July 22, 2020, 12:58 pm

    सुंदर रचना

  6. Abhishek kumar - July 31, 2020, 12:37 am

    उम्दा रचना

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