लफ़्जों को खोल दो अपने

लफ़्जों को खोल दो अपने
अरमानों को इनमें भर जाने दो
दो जगह अपने दिल में मुझे
इनमें मुझे अपना घर बनाने दो

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In One Word.....Butterfly!

4 Comments

  1. Anjali Gupta - July 3, 2016, 2:47 am

    Feel free to comment 🙂

  2. Sridhar - July 3, 2016, 10:36 am

    behtareen

  3. KAVI NAVIN GOUD - July 10, 2016, 11:49 am

    kya baat hai bahoot khoob

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 7:21 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना

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