वंदेमातरम

मां तुझ से है मेरी यही इल्तज़ा।
तेरी खिदमत में निकले मेरी जां।

तेरे कदमों में दुश्मनों का सर होगा,
गुस्ताख़ी की उनको देंगे ऐसी सजा।

गर उठा कर देखेगा नजर इधर,
रूह तक कांपेगी देखके उनकी कज़ा।

कभी बाज नहीं आते ये बेगैरत,
हर बार शिकस्त का चखकर मज़ा।

दुश्मन थर – थर कांपेगा डर से,
वंदे मातरम गूंजे जब सारी फिज़ा।

देवेश साखरे ‘देव’

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16 Comments

  1. Kumari Raushani - October 22, 2019, 1:41 pm

    वन्दे मातरम्

  2. NIMISHA SINGHAL - October 22, 2019, 3:00 pm

    Nice

  3. Poonam singh - October 22, 2019, 3:01 pm

    Bande mataram

  4. Shyam Kunvar Bharti - October 22, 2019, 4:18 pm

    wah wah jay hind

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - October 22, 2019, 10:37 pm

    वाह वाह क्या बात है

  6. nitu kandera - October 24, 2019, 8:17 am

    Good

  7. महेश गुप्ता जौनपुरी - October 25, 2019, 5:15 pm

    वाह बहुत सुंदर

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