वक्त मुश्किलों से भरा है

हम सब परेशान है
ये वक्त ही मुश्किलों से भरा है
सब रास्ते है खुले
और सड़के भी साफ है
एक किनारे पर है चलना
दुसरे पर मौत है
ज़िंदगी की इस सफर में
सब मौत से डरा है
हम सब परेशान है
ये वक्त ही मुश्किलों से भरा हैं
हर कोई कोशिशें कर रहा है
ज़िंदगी में खुशियाँ लाने की
हर एक की ये चाह है
की ज़िंदगी में हो खूशी
ज़िंदगी का दर्द है
और मौत का है खौफ
रोज रोज ये ज़िंदगी
रोज रोज ये मौत
मौत का है ज़ोर पर
जीने का फैसला हैं
हम सब परेशान हैं
ये वक्त ही मुश्किलों से भरा है।।


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13 Comments

  1. Devi Kamla - April 8, 2021, 10:15 pm

    बहुत खूब

  2. Satish Pandey - April 8, 2021, 10:28 pm

    अति सुन्दर रचना वर्मा जी

  3. Pragya Shukla - April 8, 2021, 10:54 pm

    Beautiful poetry

  4. Rishi Kumar - April 9, 2021, 5:20 am

    सुन्दर

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - April 9, 2021, 3:08 pm

    बहुत खूब

  6. Geeta kumari - April 9, 2021, 3:57 pm

    ज़िंदगी का दर्द है
    और मौत का है खौफ
    ______ समसामयिक माहौल पर यथार्थ चित्रण प्रस्तुत किया है कवि सुनील वर्मा जी ने अपनी रचना में, सुंदर अभिव्यक्ति

  7. Pragya Shukla - April 9, 2021, 11:02 pm

    Nice

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