वक्त

सबसे तेज होती है, वक्त की रफ्तार |
वक्त में घुली है, सबकी जीत या हार |
वक्त के दो पहलू, नफरत और प्यार |
वक्त से ही जुड़े हैं, जीवन और मरण के तार |

जिसे समझते हैं हम, खुदा का फरिश्ता |
लेकिन वक्त बदलता है, अहिस्ता-अहिस्ता |
कहावत है चली, वक्त ही बलवान |
कोई दाने को मोहताज, तो कोई आलिशान |

अच्छा और बुरा, वक्त के दो रूप होते हैं |
वक्त राजा को रंक और रंक को राजा बना देता है |
शौकीन दुनिया में किया वक्त ने प्रहार |
वक्त वायरस से चढ़ा, फैशन का बुखार |

हंसाना और रूलाना, वक्त की नियति है |
अचानक पलट जाना, इसकी मासूमियत है |
वक्त के झोंको से डगमगाती, जीवन की नाव |
वक्त के तूफान से होता प्यार, मोहब्बत, बिखराव |

जिसे वक्त की परवाह, वक्त को भी परवाह अपने कद्रदानों की |
जिन्दगी रोशन हो, वक्त के दीवानो की |
जिन्दगी रोशन हो, वक्त के दीवानो की |


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2 Comments

  1. Vasundra singh - October 20, 2020, 5:57 pm

    बहुत सुंदर रचना

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - October 20, 2020, 11:24 pm

    सुंदर

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