वही सागर का तट

वही सागर का तट
बालुकामय सतह।
जहाँ आनन्द मनाया
कुछ इस तरह।।
खाया -खेला
नाचा-गया।
गीले बालुका पर
अंगूठा घुमाया।
कुछ इस तरह।।
अंकित हुआ
बीस सौ बीस।
कितने दुखो के
भरे हैं टीश।।
सागर के लहरों ने
मिटा दिया वो अंकन।
पर दिल में एक
अधूरी यादों का है कंपन।।
शायद लिखा हुआ होगा
अब तक ज्यों का त्यों।
चल पड़े आज फिर
उसी ओर आखिर क्यों।।
शायद कुछ खोजने
और करने मन को हल्का।
वही अधूरी यादे
अंकित बीस बीस हल्का।।
समझ न पाया क्या था
हकीकत या फिर मन का टीश।
होकर आदत के वशीभूत
लिख डला बीस सौ एकीश।
ठीक उसी तरह
जैसे पृष्ठ पलट रहा हो कैलेंडर का।
‘विनयचंद ‘ ने भी लिख डाला
अपने मन के अन्दर का।।


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44 Comments

  1. Suman Kumari - January 1, 2021, 10:35 pm

    अनुपम ।

  2. Satish Pandey - January 1, 2021, 10:44 pm

    वही सागर का तट
    बालुकामय सतह।
    जहाँ आनन्द मनाया
    कुछ इस तरह।।
    खाया -खेला’
    — बहुत सुंदर रचना, अति उत्तम अभिव्यक्ति

  3. poonam agrawal - January 2, 2021, 7:33 am

    अति उत्तम

  4. Anu Singla - January 2, 2021, 7:46 am

    अति उत्तम रचना

  5. Dhruv kumar - January 2, 2021, 9:02 am

    Nice

  6. Geeta kumari - January 2, 2021, 9:08 am

    “सागर के लहरों नेमिटा दिया वो अंकन।
    पर दिल में एकअधूरी यादों का है कंपन।’
    चित्र के अनुरूप बहुत ही सुन्दर कविता लिखी है, बीते वर्ष और आने वाले वर्ष के ऊपर बहुत सुंदर रचना लाजवाब अभिव्यक्ति

  7. G Pinky - January 2, 2021, 9:21 am

    Nice poetry panditji

  8. navdish thakur - January 2, 2021, 9:59 am

    Very nice

  9. Rahul Kumar - January 2, 2021, 5:07 pm

    बहुत खूब पंडित जी

  10. BHARDWAJ TREKKER - January 3, 2021, 12:00 pm

    Bahut sundar

  11. BHARDWAJ TREKKER - January 3, 2021, 12:00 pm

    Gajabbbbb

  12. G Pinky - January 3, 2021, 2:15 pm

    Good poem

  13. manish kumar jha - January 3, 2021, 3:52 pm

    Man ko Santi pardan karne wala kavy Ras

  14. Aarti Kumari - January 3, 2021, 5:07 pm

    बहुत ही सुंदर
    बहुत ही सुंदर

  15. Deepak Sharma - January 3, 2021, 10:02 pm

    Nice Pandit Ji

  16. Deepak Sharma - January 3, 2021, 10:14 pm

    Nice Lines Pandit ji

  17. Kumar Mintu - January 3, 2021, 10:26 pm

    Best poem ..
    Bahut khoob💐💐💐

  18. Anuj Jha - January 3, 2021, 10:28 pm

    Adbhut rachna

  19. Pragya Shukla - January 3, 2021, 10:39 pm

    बहुत लाजवाब अभिव्यक्ति, सुंदर लेखन

  20. Dhruv kumar - January 3, 2021, 10:45 pm

    Atisunder kavita

  21. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 4, 2021, 3:32 pm

    धन्यवाद

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