वाह वाह

जिंदगी जीने का नाम है
इसमें क्या अगला क्या पिछला है.
कवि को तो वाह… वही चाहिए
क्योंकि हर शब्द उसके दिल से निकला है.

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

3 Comments

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 11, 2019, 11:33 am

    वाह बहुत सुंदर रचना

  2. Poonam singh - September 11, 2019, 4:36 pm

    Good

Leave a Reply