वीर सिपाही

कौन कहता है कि मेरे
सगे भाई नहीं हैं
इसलिए राखी पर रोऊँगी।
वे लाखों वीर सिपाही
मेरे ही तो भाई हैं
जो भारत मां की रक्षा को
निडर खड़े हैं सीमा पर,
उनको मैं राखी भेजूंगी,
असली रक्षक तो वे ही हैं।
उनको ही राखी भेजूंगी।


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10 Comments

  1. Abhishek kumar - July 31, 2020, 10:14 am

    कवि ने अपने कोमल भावों को व्यक्त किया है भावपक्ष 👌👌

  2. Geeta kumari - July 31, 2020, 10:17 am

    अति सुंदर विचारों से परिपूर्ण सुंदर रचना।

  3. Raju Pandey - July 31, 2020, 11:13 am

    Shandar

  4. Suman Kumari - July 31, 2020, 3:12 pm

    सुन्दर

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - July 31, 2020, 9:49 pm

    सुन्दर

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