वीर सैनिकों

देश के वीर सैनिको नमन है तुम्हारे वलिदान को
तुम भारत के सपूत हो भारत के अभिमान हो
शरहद की हिमालय के जैसे शोभा बढ़ाने वाले
कवियों की कलम ललचाती है तुम्हारे गुणगान को

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Responses

  1. कविता की आलोचना- देशप्रेम से ओतप्रोत भाव हैं। शब्दों में कुछ त्रुटियां दृष्टिगोचर हैं, जैसे- वलिदान’ के स्थान पर ‘बलिदान’ औऱ शरहद’ के स्थान पर ‘सरहद’ शुद्ध शब्द होगा।

  2. बहुत ठुंस ठुंस कर साहित्य भरा है। व्याकरण की दृष्टि से उच्चस्तरीय रचना।

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