वो बुरा मान गए..

हमने सच बोला, वो बुरा मान गए
ज़रा मुंह खोला, वो बुरा मान गए।
सदियों से सुनती ही तो आई है नारी,
आज ज़रा सुनाया, तो बुरा मान गए।
औरों की चाहत को हमेशा चाहा,
आज अपनी चाहत ज़ाहिर की,वो बुरा मान गए।
ऐसा नहीं है कि हम समझते नहीं थे,
उन्हें लगा, हम समझने लगे, तो बुरा मान गए।


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13 Comments

  1. विकास कुमार - August 2, 2020, 10:52 am

    great ..

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 2, 2020, 12:11 pm

    बेहतरी

  3. Pragya Shukla - August 2, 2020, 1:34 pm

    वाह-वाह

  4. Satish Pandey - August 2, 2020, 2:52 pm

    बहुत खूब

  5. Devi Kamla - September 7, 2020, 6:14 pm

    Nice

  6. Piyush Joshi - September 24, 2020, 3:47 pm

    अतीव सुन्दर

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