वो है मेरी माँ

सच में बहुत बुरी हूँ मैं
कमियां ही कमियां हैं मुझमें
एक भी अच्छाई नहीं है
पर कमियों के साथ ही
जो स्वीकार करती है मुझे
वो है मेरी माँ…
हर गलती पर मुझे डाटती है
और फिर माफ कर देती है
वो है मेरी माँ…


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

4 Comments

  1. neelam singh - October 20, 2020, 10:37 am

    Nice thought..
    Beautiful line

  2. jeet rastogi - October 20, 2020, 1:33 pm

    माँ के लिए सुंदर कविता

  3. Satish Pandey - October 20, 2020, 2:49 pm

    सुन्दर अभिव्यक्ति

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - October 20, 2020, 11:27 pm

    बहुत खूब

Leave a Reply