वक़्त भी हार जाता है…….

कुछ ज़ख़्म हमको ताउम्र याद रह जाते है साहिब
के वक़्त भी हार जाता है, उन जख्मो के आगे…………..!!

D K

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” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

मलाल

मुझे ताउम्र ये मलाल रहेगा तुम क्यों आये थे मेरी ज़िन्दगी में ये सवाल रहेगा जो सबक सिखा गए तुम वो बहुत गहरा है चलो…

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