शायरी (दर्द ए इश्क़ और शराब)

दर्द ए इश्क़ और शराब!
दोनों एक जैसे हैं, जनाब!
नशा चढ़ने पर,
ज़माना फर्जी सा लगता है।


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7 Comments

  1. Satish Pandey - August 8, 2020, 11:28 pm

    waah waah

  2. मोहन सिंह मानुष - August 8, 2020, 11:31 pm

    Thank you sir 🙏

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 9, 2020, 6:56 am

    Nice

  4. Ambuj Singh - August 9, 2020, 1:44 pm

    सुंदर

  5. प्रतिमा चौधरी - September 3, 2020, 8:12 pm

    सुन्दर प्रस्तुति

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