शायरी

अभी-अभी धारा से उठे हैं ,
चलना भी सीख जाएंगे,
कभी उठेंगे तो कभी गिरेंगे,
कभी बिना गिरे भी संभल जाएंगे।


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6 Comments

  1. Pragya Shukla - August 1, 2020, 4:29 pm

    अच्छे जज्बात

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 1, 2020, 4:36 pm

    सुन्दर

  3. Master sahab - August 1, 2020, 5:14 pm

    👌👌

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