श्रद्धान्जली

आपके चरण कमल में
करती हूँ श्रद्धांजली अर्पण
भारत माँ के प्रति
आपके प्रेम का
कर पाएगा
कौन वर्णन ।
जन्म दिवस है
वर मांगती हूँ मैं
मुझमें भी भाव हो
आपके जैसा
मन में हो मेरे
आपसा समर्पण ।
भारतीय जनसंघ को
नवरंग से भरकर
बिखरते दलों को
भाजपा का रूप देकर
दिखलाया निज दर्शन ।
रचयिता बने उस दल का
वतन को शिखर पर पहुँचाया
कभी कवि हृदय ने
मौत को भी चुनौती देके आया
वरणीय है आपका तर्पण ।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

9 Comments

  1. Sandeep Kala - December 25, 2020, 4:36 pm

    बहुत ही सुंदर रचना

  2. Geeta kumari - December 25, 2020, 4:41 pm

    सुंदर अभिव्यक्ति

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 26, 2020, 8:24 am

    अतिसुंदर भाव

  4. Rishi Kumar - December 26, 2020, 7:08 pm

    Very good

  5. Pragya Shukla - December 27, 2020, 7:32 pm

    बहुत खूब
    मेरा भी नमन

Leave a Reply