श्रीराम के मार्ग पर चलो

श्रीराम को
आदर्श मानते हो ना,
तो चलो उनके आदर्शों पर,
गुरु का सम्मान,
माता की इच्छा
और पिता के वचन की रक्षा को
राजगद्दी का त्याग,
चौदह बरस तक
वनवास ग्रहण करना।
राक्षसों का संहार,
पत्नी का वियोग,
कितना कुछ,
त्याग, आदर्श, पुरुषार्थ,
के उच्च मानक ग्रहण करो।
आओ श्रीराम के
मार्ग पर चलो,
दम्भ रूपी रावण का
संहार करो।
—— डॉ0सतीश चन्द्र पाण्डेय, चम्पावत, उत्तराखंड।


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10 Comments

  1. Piyush Joshi - October 22, 2020, 11:05 pm

    जय हो, बहुत खूब, बहुत ही सुंदर

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - October 22, 2020, 11:22 pm

    Atisunder kavita

  3. Devi Kamla - October 22, 2020, 11:28 pm

    वाह वाह, अतिसुन्दर

  4. Geeta kumari - October 22, 2020, 11:35 pm

    श्री राम के आदर्शो को स्मरण कराती हुई बहुत ही श्रेष्ठ रचना ,अति उत्तम प्रस्तुति

    • Satish Pandey - October 23, 2020, 4:41 pm

      इस सुन्दर समीक्षागत टिप्पणी हेतु हार्दिक आभार।

  5. Pragya Shukla - October 22, 2020, 11:47 pm

    जय राम…
    बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति

    • Satish Pandey - October 23, 2020, 4:41 pm

      बहुत बहुत धन्यवाद, हार्दिक आभार

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