संस्कार

संस्कार

बदलते दौर के साथ बदल गया संस्कार
पैसे की होड़ में बिक कर रह गया संस्कार
पैर छूने की परम्परा है विलुप्त के कगार
हाथ जोड़ अभिवादन का चला है संस्कार

मां बाप के संस्कार का फिल्म धज्जियां उड़ा रहा
दमन करके संस्कार का समाज से मिटा रहा
सोशल मीडिया के प्रचार से संस्कार दम तोड़ रहा
शमन करके संस्कार का हमें जिंदगी से बरगला रहा

बचपन जवानी बुढ़ापे का मिट रहा है अब संस्कार
दादा दादी का लाज लिहाज मिटाकर कर रहा प्रहार
संस्कार शब्द रह गया है अब शब्दकोष के भण्डार
बदलते युग के संविधान में स्वीकार लिया हमने हार

जिससे मिला हमें संस्कार आंखें उन्हें तरेर रहा
गांव के संस्कार भूलाकर शहर हमें बिगाड़ रहा
संस्कार का गला घोंटकर अश्लीलता सीखा रहा
किसे हम दोषी माने अब संस्कार हमें दुत्कार रहा

महेश गुप्ता जौनपुरी
जौनपुर उत्तर प्रदेश
मोबाइल – 9918845864्


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6 Comments

  1. Pragya Shukla - June 7, 2020, 6:49 pm

    👌

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - June 7, 2020, 8:58 pm

    वाह

  3. Aman Kumar Shastri - June 8, 2020, 4:28 pm

    Good, nice, excellent, awesome it’s everything.

  4. Abhishek kumar - July 12, 2020, 11:55 pm

    👍👍

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