सब अच्छा होगा

अब तो यह विश्वास भी
साथ छोङ रहा
“सब अच्छा होगा ”
नाउम्मीदी के तिमिर में
अब हर उम्मीद भभक रहा
क्या पता आगे कौन- सा
भरम पलेगा ।

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Responses

  1. निराशा को व्यक्त करती हुई आपकी यह पंक्तियां गागर में सागर भरने का काम करती हैं आप अपनी कविताओं में जिस प्रकार की शब्दावली का प्रयोग करते हैं वह सराहनीय है और आपको हर कवि से अलग रखती है आपकी या व्यक्तिगत प्रतिभा

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