सरकार पर तंज

जब नई सरकार बनानी हो , तो चलता महागठबंधन का चक्र है,
जब है महामारी अपने चरम पर पर बरसाती हर तरफ कहर है,
फिर भी मनाया जा रहा है लोकतंत्र का पर्व ,है तो चुप क्यों बैठा महागठबंधन इसका भी क्रीडाचक्र है,
जब तक ना बीता चुनाव तब तक खुली हर गली हर डगर है
पक्ष विपक्ष पर आरोप लगाती बस इसका ही तो जिकर है,
नेताओं को भी अपनी सत्ता से मतलब , कहां जनता की फिकर है,
आज संकट की घड़ी में कहां सो रहा महांगठबंधन बेफिकर है ,
बस अभी हो पाया है चुनाव , दिखने लगा एक बार फिर लॉक डाउन का असर है।।
–✍️एकता—

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

कोरोनवायरस -२०१९” -२

कोरोनवायरस -२०१९” -२ —————————- कोरोनावायरस एक संक्रामक बीमारी है| इसके इलाज की खोज में अभी संपूर्ण देश के वैज्ञानिक खोज में लगे हैं | बीमारी…

Responses

  1. सरकार के दांव पेच पर कटाक्ष करती हुई आपकी कविता बहुत सुंदर

New Report

Close