साइको इंसान (Psycho Person)

हमारे जीवन में एक दोस्त बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। एक दोस्त आपकी जिंदगी को खूबसूरत बना सकता है। हमारी जिंदगी हमारी बचपन कि संगत पर काफी हद तक depend होती है। बचपन में हम जिस तरह के दोस्त बनांते है या जिस तरह के दोस्तों के साथ रहते है हमे वैसी ही आदत हो जाती है।
अगर आपको लाइफ में एक अच्छा और सच्चा दोस्त मिल जाये तो आपकी लाइफ ही अलग होगी। एक अच्छा दोस्त हमारा हर मुसीबत में साथ देता है और बुरा दोस्त सिर्फ अच्छे वक़्त में हमारे साथ रहता है………….
मेरा दोस्त, जो मुझे अच्छे से जानता था,
पर लोगो का कहना है एक लड़का लड़की एक अच्छे दोस्त नहीं हो सकते है या फिर लोगो को हमारी दोस्ती खलती होगी………
एक साइको इंसान (Psycho Person) जिससे बात करना और उसका behaviour मुझे बिल्कुल पसंद नहीं था, उसको लड़कियों से या फिर ये बोलू की उसको बात करने का तरीका, कब क्या, किसके सामने क्या कितनी बात करनी होती है वो कुछ नहीं जानता था……
हम साथ में एक ही ऑफिस में काम करते थे, पर हमारे विभाग अलग अलग थे, हम एक साथ में काम नहीं करते थे, ना ही दिन में साथ में खाना नहीं खाते थे, पर जब भी हमारी बात होती थी तो हम दोनों लड़ते रहते थे…..
दिन भर वो मेरी डांट खाता और मेरी बात सुन -2 कर कई – कई दिन निकाल देता था…,
वो मेरे गुस्से को भी झेल जाता था, मेरी ख़ामोशी से मेरे नाराज़ होने का अंदाज़ा लगा लेता था,
कभी-कभी वो मुझ से सामने से आकर मेरे से अच्छे से बात ना करने का कारण मांगा था और मैं उसे रूखेपन से बात करके भगा देती थी….. एक दो साल तक ऐसे ही चलता रहा वो मेरे से कारण मांगता रहा और उसे रूखेपन से बात करती रही…..`
वो उन लोगो मे से है, जो दुनियाँ की भीड़ मैं भी मुझे ढूंढ लेता था,
वो उन लोगो मे से नही है, जो मुंह में राम बगल में छुरा धरते..
उसके दोस्त उसे मेरे नाम से चिढाते भी थे, पर वो मुस्कुरा कर उन सब से पीछा छुड़ा लेता था, ज्यादा हदें पार होने पर वो मेरे लिए लड़ भी जाता था…….
जब मैं रो भी देती थी और मेरा मूंड ठीक करने के लिए, वो कभी-कभी अपने रिश्तेदारों की कहानिया भी सुनाता था…….,
तो कभी कभी बोलता था तू मेरे लिए एक लड़की भी नहीं ढूंढ सकती, किसी को मेरी सेहली बना दे आदि बकवास बातें करता था और कभी-2 बोलता था तेरे सिवा मेरा है ही कौन यहाँ, उसकी बेवकूफियां मुझे मुश्किल मैं डाल देती है, Light ले यार , कहकर सब टालता है, ये लाइन बोलकर मक्खन भी बहुत लगाता……
पता क्यों ????
क्योंकि उसको 11.00 बजे की चाय पीनी होती थी……..
उसमे बहुत कमिया थी, वो नादान था, मैंने उसको उसकी गलतियां और कमियां बताया करती थी, वो अपनी कमियों और गलतियों को सुधरता था
मैंने उसको बोला अगर तुम मेरे से बात करना चाहते हो तो अच्छे से मेरे से रेस्पेक्टफ़ुल्ली (Respectfully) बात किया कर… पर उसके कान तक आज तक जूं नहीं रेंगी.. आज भी हमारी बात होती है तो वो तू – तड़ाक में ही बात करता है, पर वो पहले जैसा नहीं है सब से अच्छे से और सम्मान से (Respectfully),किसी से फालतू बात नहीं करता है…….
रुको- रुको अभी उसकी Story खत्म नहीं हुए है
अभी उसकी अच्छाई और बुराई की बात हुई है, वो कौन है उसका नाम क्या है ये तो बताना बाकि है वो साइको इंसान /पागल लड़का उसका नाम Ketan Sharma है, अब हम दोनों एक ऑफिस(Office) में काम नहीं करते पर फ़ोन पे कभी कभी बात होती है वे one Month में एक/ दो बार….. पर वो आज भी मुझे आप बोल कर बात नहीं करते सिर्फ तू बोल कर बात करता है कोई बात नहीं बाकि वो सब से अच्छे से बात करता है बस वो अपना और अपने परिवार का ध्यान रखें………… bye Cu tata
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https://anumehta2019.blogspot.com/2021/02/psycho-person.html

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