सावन पर

किसी ने पूछा मुझसे,
“सावन” पे लिखती हो, क्या मिल जाता है?
मैनें कहा —–
मुझे समझने वाले सखा, सखी हैं,
समझते हैं, जो रचनाएं मैनें लिखी हैं।
उनकी लिखी रचनाओं को भी पढ़ पाती हूं,
इस क्षेत्र में और आगे बढ़ पाती हूं।
आत्मा की खुराक मिल जाती है,
दो घड़ी तबीयत भी खिल जाती है।
आदर, सम्मान, प्रेम, स्नेह सब मिलता है,
और किसी को क्या चाहिए….

Related Articles

अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

कोरोनवायरस -२०१९” -२

कोरोनवायरस -२०१९” -२ —————————- कोरोनावायरस एक संक्रामक बीमारी है| इसके इलाज की खोज में अभी संपूर्ण देश के वैज्ञानिक खोज में लगे हैं | बीमारी…

Responses

  1. आदर, सम्मान, प्रेम, स्नेह सब मिलता है,
    वाह आपकी इसी सकारात्मक लेखनी को ही तो हम सैल्यूट करते हैं। अतीव सुन्दर पंक्तियाँ

    1. बहुत बहुत धन्यवाद आपका 🙏आप की समीक्षाएं जिजीविषा का काम करती हैं।

      1. सादर स्वागत आपकी लेखनी में वास्तव में साहित्य विराजमान है, साहित्य साधना करते रहिये, बिंदास रहिये

    1. बिल्कुल सही कहा।और क्या ,हमें अच्छा लगता है।
      साहित्य के सम्पर्क में रहते हैं।
      और सबसे बड़ी बात”me time” mil jata hai

  2. कविता के माध्यम से बिल्कुल सही कहा आपने मैम🙏
    सावन मंच एक परिवार की तरह है जहां विभिन्न विषयों पर कविता पढ़ने को मिलती हैं और अपनी लेखन कला को सुधारने का बहुत अच्छा मौका भी मिलता है, और यहां पर सभी सदस्य बहुत ही गुणवान तथा मिलनसार है।
    बहुत सुंदर भाव मैम 🙏

New Report

Close