*सावन सूना है*

सावन पर इतना सन्नाटा,
ना देखा पहले कभी
क्या हुआ, ये क्यूं हुआ,
कहां चले गए सभी
सावन सूना सा है,
कवियों कलम उठालो
फ़िर से भर दो रंग
अपनी कलम से,
फ़िर से सभा सजालो

*****✍️गीता

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

Responses

  1. जब तक एक बंदा है सावन पर तब तक सावन सूना नहीं हो सकता दी…वो चला गया अगर तो सूना ही हो जाएगा चाहें जितने लोग आ जाएं…

New Report

Close