सुंदरता

सुंदर दिखना सबको भाता,
हे जीवन के भाग्य विधाता ।
तन की काया कुछ पल सुंदर ,
मन की माया हर पल सुंदर ।
तन सुंदर पर मन न हो कोमल,
वह कुटिल मानव जैसा पुष्प सेमल,
मन कोमल तन है काला,
रहे हरदम मधु पान मसाला ।
सुंदर चित की बात निराली,
तन कलुषित फिर भी साथी यह माली ।
सुंदर दिखना सबको भाता,
हे जीवन के भाग्य विधाता ।
तन के सुंदर, पर मन के जाली,
दुराचार और बने व्यभिचारी ।
तन के कलुषित मन के निराले,
दया करुणा के सागर मतवाले ।
सुंदर दिखना सबको भाता,
हे जीवन के भाग्य विधाता ।

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

A pray for india

जब तक है जीवन तब तक इस की सेवा ही आधार रहे विष्णु का अतुल पुराण रहे नरसिंह के रक्षक वार रहे हे प्राणनाथ! हे…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

जंगे आज़ादी (आजादी की ७०वी वर्षगाँठ के शुभ अवसर पर राष्ट्र को समर्पित)

वर्ष सैकड़ों बीत गये, आज़ादी हमको मिली नहीं लाखों शहीद कुर्बान हुए, आज़ादी हमको मिली नहीं भारत जननी स्वर्ण भूमि पर, बर्बर अत्याचार हुये माता…

Responses

New Report

Close