सुबह और सांझ

कुछ शर्ते लाती है,
ज़िन्दगी की हर सुबह
और कुछ तजुर्बे देकर,
सांझ चली जाती है..

*****✍️गीता

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Responses

  1. 4 पंक्तियों में आपने गहरी संवेदना व्यक्त की है सांझ और सवेरा के अंतर को जिस प्रकार आपने व्यक्त किया है वह उपमा
    बेहद सराहनीय है

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