सोचा नहीं था

चले जाओगे तुम ये सोच नहीं था
हो जाएगें तनहा हम ये सोचा नहीं था

हंसते हंसते बितायी थी जिंदगी हमने
गम में ढ़ल जाएगी जिंदगी ये सोचा नहीं था

तेरी आंखो के नशे मे डूबे रहे हम जिंदगी भर
मय बन जाएगा मुकद्दर ये सोचा नहीं था

जिंदगी क्या थी हमारी बस तुम्हारा अहसास था
अहसास भी साथ न रहेगा ये सोचा नहीं था

दिल ए आईने में उतार ली थी तस्वीर तुम्हारी
वो आईना टूट जाएगा ये सोचा नहीं था

हर शाम साथ साथ हुई थी बसर हमारी
तमाम शब जगेंगे तनहा ये सोचा नहीं था

मिले थे जब उनसे मिट गयी थी दूरियां
दूरियां हो जाएगीं दरम्यां ये सोचा नहीं था

जिने जानते थे हम अपनी जिंदगी से ज्यादा
वो हो जाएंगे अजनबी ये सोचा नहीं था

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9 Comments

  1. anupriya sharma - November 12, 2015, 10:06 am

    nice

  2. Mohit Sharma - November 12, 2015, 1:02 pm

    nice lines

  3. Kapil Singh - November 12, 2015, 1:02 pm

    behatreen panna

  4. Vikas Bhanti - November 12, 2015, 1:38 pm

    Panna ji, आसान शब्दों का चयन और विचार में प्रगाढ़ता… बेहतरीन…

  5. राम नरेशपुरवाला - September 12, 2019, 12:46 pm

    Good

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