हमारे दिल में रहते हैं

इरादे नेक रखते हैं
सभी को प्रेम करते हैं
वही दिल को दुःखाते हैं
जो हमारे दिल में रहते हैं

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Responses

  1. क्या बात है, दिल में भी रहते हैं और दिल भी दुखाते हैं
    ये तो नाइंसाफी है भई ।

  2. बहुत सुंदर लाजवाब, कवि प्रज्ञा जी द्वारा प्रेम से जुड़े कोमल यथार्य का अति सुंदर चित्रण

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