हम ना बदल पाएँ

मुस्किल हुआ दिल को समझाना
मुस्किल हुआ रूठोंं को मनाना
कितना बदल गया ये ज़माना
पर हम ना बदल पाएँ
पर हम ना बदल पाएँ
तुझसे बिछड़ के ज़िंदा हूँ ये मेरी फूटी किस्मत है
मिले दो दिल तो जुदा कर देना ये दुनियाँ की फितरत है
मुझसे जुदा होके सम्हल गए तुम
पर हम ना सम्हल पाएँ
कितना बदल गया ये ज़माना
पर हम ना बदल पाएँ

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12 Comments

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 15, 2019, 11:12 pm

    वाह बहुत सुन्दर

  2. NIMISHA SINGHAL - September 16, 2019, 1:29 pm

    Achcha kavita

  3. राही अंजाना - September 16, 2019, 2:05 pm

    वाह

  4. Poonam singh - September 16, 2019, 3:02 pm

    Nice

  5. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 17, 2019, 11:50 pm

    वाह बहुत सुन्दर

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