हां . . मैं देना चाहती हूं!

देना चाहती हूं सूखे होंठो पर हंसी,
निराश डूबती सी आंखों में रोशनी,
सूखे उलझे बालों में नमी,
हारी सी जिंदगी को जीत की खुशी,
छोटी- छोटी सी वस्तूए मिल जाने पर
चेहरे पर छाई खुशी।
हां…… मैं देना चाहती हूं,!!
सम्मान, प्यार का उपहार
उन मासूम नन्हे चेहरों को।
निमिषा सिंघल

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

8 Comments

  1. Poonam singh - October 4, 2019, 10:48 pm

    Good one

  2. देवेश साखरे 'देव' - October 5, 2019, 9:42 am

    Bahut khub

  3. महेश गुप्ता जौनपुरी - October 5, 2019, 1:05 pm

    वाह बहुत सुंदर

Leave a Reply