हाय रे किस्मत

खुद को जला के हम, अपनी प्यास कहाँ बुझा पाए।
समंदर भी मुझे देख कर , अपनी धारा बदलती जाए ।।


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4 Comments

  1. Rishi Kumar - October 26, 2020, 6:02 pm

    🤔🤔✍👌👌

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - October 26, 2020, 9:09 pm

    अतिसुंदर

  3. Suman Kumari - October 27, 2020, 1:35 am

    सुन्दर

  4. Pragya Shukla - October 27, 2020, 2:32 pm

    Sundae kavita

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