हालात

आप चाहते तो हालात बदल सकते थे, आप के आंसू मेरी आंखो से निकल सकते थे । मगर आप तो ठहर गए झील के पानी की तरह, दरिया बनते तो बहुत दूर निकल सकते थे।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

7 Comments

  1. Satish Pandey - September 26, 2020, 5:24 pm

    वाह वाह अतिउत्तम, लेखनी की अद्भुत क्षमता को सैल्यूट

  2. Anuj Kaushik - September 26, 2020, 5:24 pm

    अति सुंदर

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 26, 2020, 5:58 pm

    वाह वाह

  4. Suman Kumari - September 26, 2020, 9:03 pm

    सुन्दर

  5. प्रतिमा चौधरी - September 27, 2020, 12:16 am

    लाजवाब

Leave a Reply