*होली पर*

आज होली पर,
देख आली चाॅंद पूरा हो गया l
छिड़क रहा है रजत धरा पर,
उसका ख्वाब पूरा हो गया l
सितारे भी मुस्कुराते से प्रतीत हो रहे
अंधियारी राहों में,
देख उजाला हो गया l
चाॅंदनी रात आई है,
हर्ष की सौगात लाई है l
होली के पावन पर्व पर,
लोक आलोकित हो गया॥
____✍गीता

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Responses

  1. चाॅंदनी रात आई है,
    हर्ष की सौगात लाई है l
    होली के पावन पर्व पर,
    लोक आलोकित हो गया॥
    —— लेखन की विलक्षण प्रतिभा। एक उच्चस्तरीय कवि की बेहतरीन कविता।

    1. उत्साह प्रदान करने वाली समीक्षागत शक्ति को प्रणाम एक श्रेष्ठ कवि द्वारा दिए गए इतने प्रोत्साहन को मेरा अभिवादन…

  2. चाॅंदनी रात आई है,
    हर्ष की सौगात लाई है l
    होली के पावन पर्व पर,
    लोक आलोकित हो गया॥
    ____✍गीता
    Great बहुत बढ़िया

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