**हो गए साजन जोगी**

साजन गये परदेश
वो ना आए सखी…
मैंने राह देखी खूब
वो ना आए सखी…
चूड़ियां भी खनकाई
पायल भी झनकाई
सुंदरवाली सेल्फी भी भेजी पर
वो ना आए सखी…
व्रत रखा मैंने उनकी खातिर
विधि-विधान से पूजा भी की
रोते हुए वाइस कालिंग भी की पर
वो ना आए सखी…
बैठकर चाँद निहारती रही
तन्हाई मुझको काटती रही
उल्टे-सीधे मैसेज भी किये पर
वो ना आए सखी…
है जरूर कोई सौतन
जिसका सफल हुआ पूजन
जिसके प्रेम में हो गए साजन जोगी*
तभी तो ना आए सखी..
हमने उनको खूब रिझाया
त्रिया चरित्र* भी कर दिखलाया
वीडियो कॉलिंग कर व्रत तोड़ा क्योंकि
वो ना आए सखी…


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9 Comments

  1. Geeta kumari - November 5, 2020, 2:08 pm

    बहुत सुंदर रचना

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 5, 2020, 2:37 pm

    बहुत खूब

  3. Praduman Amit - November 5, 2020, 7:29 pm

    अच्छी रचना है।

  4. vivek singhal - November 5, 2020, 11:17 pm

    आधुनिकता एवं परंपरा का साथ में मिश्रण
    वाह! क्या बात है..
    सुंदर रचना

  5. Dhruv kumar - November 8, 2020, 9:47 am

    Nyc

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