ज़िन्दगी तू ही बता..

“साँस लेता हूँ फकत ये भी कोई कम तो नही,
ज़िंंदगी तू ही बता मुझपे तू सितम तो नही..

कभी पूछा न ज़माने के शरीफ लोगों ने,
‘दीवाने ये बता कि तुझको कोई गम तो नही?’

किया हमने ही उसकी बात का ऐतबार मगर,
उसका कहना कोई वादा या फिर कसम तो नही..

क्यूँ खुदा तक नही पहुँची मेरी सदा अब तक,
दुआ मुझसे ही चली मुझपे ही खतम तो नही..

तेरी आँखों में यकीनन कुछ चुभ रहा होगा,
वरना अब तक तो हुई आँखे तेरी नम तो नही..’

– प्रयाग धर्मानी

मायने :
फकत – सिर्फ
सदा – आवाज़


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Related Posts

मुस्कुराना

वह बेटी बन कर आई है

चिंता से चिता तक

उदास खिलौना : बाल कबिता

12 Comments

  1. Satish Pandey - August 20, 2020, 7:55 pm

    अतिसुन्दर, वाह

  2. Chandra Pandey - August 20, 2020, 8:23 pm

    Waah

  3. Geeta kumari - August 20, 2020, 9:01 pm

    बहुत ही सुन्दर रचना

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 20, 2020, 9:04 pm

    Sunder

  5. मोहन सिंह मानुष - August 20, 2020, 9:16 pm

    बेहतरीन

  6. Anu Singla - August 20, 2020, 9:35 pm

    बहुत खूब

Leave a Reply