????आजादी मुबारक हो????

????आजादी मुबारक हो????
????????????
तोते पिंजरे जैसी बोली, खूब बढ़ी आबादी है,
पंछी के पर काट दिए है, ये कैसी आजादी है।

आजादी ये रूला रही है अब भी भूखे प्यासों को,
जाने क्यों ये भुला रही है अब भी भूखे प्यासों को,,

आधी आबादी ये अब भी भूख-भूख चिल्लाती है,
तन से मन से खाली रहती सब को ही झल्लाती है,,

हमने सूखी चिंगारी से, डरते कोई देखा है,
हमने एक निवाले खातिर, मरते कोई देखा है,,

जन गण मन में बसने वाले, सपने अभी अधूरे है,
भारत सत्ता पाने वाले, अपने अभी अधूरे है,,

दागी पाये राजमुकुट को, ये बर्बादी आई है,
चंद भिखमंगो के लिए ही ये आजादी आई है।

दम्भी दम्भ भरते है किन्तु, कोई बोल न पाता है,
हिम्मत करके जो भी बोला, केवल मारा जाता है।

आजादी तो सिर्फ मिली है, साजिश बुनने वालो को,
बिना खड्ग और बिना ढाल के गीत सुनने वालो को,

भारत में भी उस दिन मानो, सच्चा शासन आयेगा,
जिस दिन सच्चा सैनिक कोई, भारत गद्दी पायेगा,,

भूखे को रोटी जब देखो, घर- घर तक पहुँचाओगे,
मानो उस दिन भारत में तुम,सच्चा शासन लाओगे।
?????????
-मन्जीत सिंह अवतार —

9259292641
www.facebook.com/DrManjeetsinghavtar

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

जंगे आज़ादी (आजादी की ७०वी वर्षगाँठ के शुभ अवसर पर राष्ट्र को समर्पित)

वर्ष सैकड़ों बीत गये, आज़ादी हमको मिली नहीं लाखों शहीद कुर्बान हुए, आज़ादी हमको मिली नहीं भारत जननी स्वर्ण भूमि पर, बर्बर अत्याचार हुये माता…

Responses

New Report

Close