Poonam singh, Author at Saavan - Page 4 of 13's Posts

Chand sa mukhara hai tera

चांद सा मुखड़ा है तेरा, समंदर से गहरी है आंखें तेरी, जुल्फें हैं घनेरी तेरी जो बिखर जाए तो दिन में रात हो जाए, चाल है मतवाली तेरी जिस पर किसी का भी दिल फिसल जाए, क्या नूर पाया है तूने, कयामत हो तुम बस कयामत हो, ऊपर वाले ने फुर्सत से बनाया है तुझे, क्या कमाल हो तुम बस कमाल हो, तुझ पर मेरा दिल आया है, बस इतनी सी गुजारिश है मेरी, कुबूल कर लो इबादत मेरी | »

Teri yad

न जाने तुम कहां खो गए, हम यहां तेरी याद मे खो गए, तेरे बिन न जाने कैसे बीते रात ये दिन, तुम मुझे यूं तन्हा कर गए, कभी तुझे मेरे बिन एक कदम भी चलना गवारा न था, अब कैसे तुझे सालों मेरे बिन रहना गवारा हो गया, ये तन्हाई लगता है मुझे ले डूबेगी, कहां हो तुम बस अब चले आओ, आती है रातों को जब पत्तों की सरसराहट लगता है तुम आए, तेरी याद में बितते हैं मेरे रात ये दिन, लगता है तुम यहीं कहीं हो, यहींं कहीं हो,य... »

Dipawali

दीपावली है खुशियों का त्योहार पर यहां सब इसे प्रदूषण का जरिया बना बैठे हैं, यहां सभी बहरे बन बैठे हैं, लगता है कानों में तेल और रुई दे बैठे हैं, फिक्र नहीं कोई जिए या मरे, यहां तो सभी दिल के फकीर बन बैठे हैं, रब ने इतना कुछ दिया इन्हें, फिर भी खुशियां यह दूसरों को रौंदकर मना बैठे हैं, ,पटाखे छोडे है इन्होने इतने कि अब ये दिन को शाम बना बैठे है, दम घुट रहा है लोगों का यहां यह पटाखे पर पटाखे जलाए बै... »

Chahta dil sada se mujhe

चाहता दिल सदा से मुझे, इन पर्वतों की श्रृंखलाओं में, इन नदियों की चंचलता में, इन झडनो की घुंघरू में, इन देवदारो की घनेरी छाव मे, इन वादियों मैं कहीं खो जाऊं, आती है मिट्टी की खुशबू, जो मिट्टी है अपने वतन की, इन्हें छोड़ न जाऊं कहीं, मिलेगा न कहीं और चैन मुझे, जो खुशबू है अपने वतन की, यहां लोग हैं सारे अपने, वो हैं हमारे भाई बंधु, क्यों करें हम सेवा दूसरे वतन की, क्यों न करें हम सेवा अपने वतन की | »

Ao manaye ham aisi diwali

आओ मनाएं हम ऐसी दीवाली, जिसमे न हो प्रदूषण का नामोनिशा, तब होगी हमारी सच्ची दिवाली, खुशी ऐसी किस काम की, जिससे हम सारे हो परेशा, आओ मनाए हम ऐसी दीवाली, जिसमें न हो प्रदूषण का नामोनिशा, क्यों न जलाएं हम इको फ्रेंडली पटाखे, इससे न होगा कोई खफा, आओ मनाएं हम सब ऐसी खुशी जिससे न हो कोई तबाह, कहने को नया दौर है हमारा, है तैयारी चांद मंगल पर जाने की, फिर भी लगे हैं पराली जलाने पर हम, सोचते क्यों नहीं हम,... »

Teri yad

न जाने तुम कहां खो गए, भरी दुनिया में जाने कहां खो गए, हम यहां तेरी याद में भटकते रह गए, हर शख्स में ढूंढा मैंने तेरा चेहरा, मिले न तुम बस तुम तन्हा कर गए, तेरी याद में गुजरते रात ये दिन, किस तरह ऐसे कितने बरस गुजर गए, शम्मा जलती रही हम भी जलते रहे, हर नजारो में बस तुम ही तुम नजर आए, तेरी याद मे बस इस तरह तड़पते रहे | »

Teri bewafai

न रात को नींद न दिन को चैन है, तेरी वेरूखी से दिल बडा बेचैन है, जब तक चाहा दिल से खेला तुमने, भर गया जी तो पलटकर देखा भी नहीं तुमने, तेरी बेवफाई बहुत ही तड़पा गई मुझे, औरो ने तोरा दिल तेरा तो मेरी वफा तुझे याद आई, कैसी ये प्रीत निभाई तुमने, कैसी ये रीत निभाई तूमने, टूटे हुए दिल को जोड़ने में लगी हूं मैं, तेरी याद को मिटाने में लगी हूं मैं, रास्ते से गुजरो कभी तो देखूंगी भी नहीं तेरी तरफ मैं, सोचूं... »

Tukra ho tum dil ka

टुकड़ा हो तुम दिल का, मुराद हो तुम मन का, भोला है तू मन का, शैतान भी है तू बडा, मेरा तू है लाडला, अगर मैं रूठ जाऊं तो, तुझे चैन नहीं आता, तुझे मेरी फिक्र है, मुझे भी तेरी फिक्र है, मेरा तू है लाडला, घर देर से जो तू आए, तो मैं बेचैन हो जाऊं, मेरा तू है लाडला, जैसा मैंने था सोचा, वैसा ही तुझे पाया, तू है कितना सलोना, मेरा तू है लाडला, तुझे मेरी उम्र लग जाए, जग में तू नाम रौशन करें, है यह मेरी तुझे द... »

Ati haiTeri yad

आती है बहुत ही याद तेरी, तेरे जाने के बाद तेरी, कब तक तुम आओगे यहा, यह खबर नहीं है तेरी, महफिल है सजी यहां, बस तुम ही नहीं हो यहा, घर आ जाओ तुम तो, रौनके बहार आ जाएंगी यहां, सज जाएगी महफिल मेरी, एक तू ही तो हो मंजिल मेरी | »

Gunahgar

बनते हैं ऐसे गुनाहगार, नशे की लत ने ले ली जिंदगी, उसके भाई और पिता की, फिर वह जैसे तैसे पला फुटपाथ पर, फिर उसे भी लगी आदत नशे की, करने के लिए नशा वो लगा करने छीना झपटी, उसे क्या पता था, जिसकी वह छीन रहा है पर्श है वह प्रधानमंत्री की भतीजी, जमीन खिसक गए उसके पांव तले, मुंह से निकला, बुरे फंसे भाई, नानी याद आ गई उसकी | »

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