Shyam Das, Author at Saavan - Page 3 of 4's Posts

गजल

✍? गजल ?✍ —–(*)—– ✍ जग मे कुछ कर जाना जरूरी है जीवन मे मुस्कुराना जरूरी है चाहे हो कष्ट संकट गहनतम धैर्य से निकल जाना जरूरी है जग का काम है करना अवरोध बुद्धि से पार पा जाना जरूरी है हर नेक काम का होता है विरोध समझ से निखर जाना जरूरी है मानव का लक्ष्य है आगे बढना मनोबल से राह पाना जरूरी है ✍ श्याम दास महंत घरघोडा जिला-रायगढ (छग) ✍????✍ »

आओ धरती पे चरण रखो पाथ॔

✍? गजल ?✍ ——-($)——- ✍ आओ धरती पे चरण रखो पाथ॔ संत साधुओ को तारो निस्वार्थ बिलखता पल विषाक्त क्षण मे विषैले हवाओ को टारो साक्षाथ॔ छल-बलयुक्त विकृत इस दौर मे दिखाओ अपना सच्चा पुरुषार्थ हो बसुंधरा के तुम ही पुत्र सपूत चले आओ धर वीरता गुणाथ॔ सत-सज्जनो की सुनो आवाज सिसकती धरती पे करो कृतार्थ ईमान और बेईमानी के इस रण मे ऊठा गांडीव करने आओ परमाथं ✍ श्याम दास महंत घरघोडा जिला-रायगढ... »

प्रणय निवेदन मेरे तू ही प्रीत है

✍?गीत ?✍ ✍ प्रणय निवेदन मेरे तू ही प्रीत है। तू ही आरजू है तू ही मीत है।। रस्मे वफा की कसम तेरी याद है इस दिल मे सिवा नही कोई मेरे चाहत-ए-महफिल मे मेरे ख्वाहिश है तू तू ही गीत है । प्रणय निवेदन मेरे तू ही गीत है।। मेरी मुस्कान जानेजां मेरा तू ही नसीब है मन मे जो बसाया हूं वही ख्याले हबीब है मेरे नगमा-ए-नूर तू संगीत है। प्रणय निवेदन मेरे तू ही गीत है।। उम्मीद की किरण मेरी मेरी नयन का सुकून तू तू ही... »

सत्य असत्य मे क्या सच्चाई है

✍? गजल ?✍ —–($)—– ✍ सत्य असत्य मे क्या सच्चाई है ईमान बेईमान के बीच लड़ाई है इंसान का इंसान मे नही विश्वास मानव का मानव के बीच खाई है परिवेश मे घुला है जहर ही जहर वर्तमान के देह मे पीड़ा समाई है दुष्ट दुष्कर्मो का बढ रहा सम्मान शरीफो की स्थिति यहाॅ बेहयाई है बना हुआ है भूमि का ठौर कुरुक्षेत्र संघर्ष की नियति देखो मुस्कुराई है ऊठ जाग ! अर्जुन ताड ले हालात अब घड़ी परीक्षा की ... »

मेरी जिंदगी का निखार तू है

✍? गजल ?✍ ——-($)——- ✍ मेरी जिंदगी का निखार तू है मेरी मुस्कान का प्रसार तू है तेरी चाहत का मै हूं दिवाना मेरी मुहब्बत का आधार तू है मेरी कल्पना तमन्ना मेरी तू मेरी तबस्सुम का संसार तू है मेरी महबूबा मेरे दिलबर है तू मेरे गुले गुलशन का बहार तू है तू मेरी है नस-नस मे बसी मेरे जीवन का उल्फते यार तू है ✍ श्याम दास महंत घरघोडा जिला-रायगढ (छग) (दिनांक 24-03-2018) ✍?⭐??⭐?✍ »

तेरी नयन मदभरी गजब

? गजल ? ✍ तेरी नयन मदभरी गजब तेरी अदाएं रसभरी गजब मुस्कानो की पहचान नई तेरी सदाएं खरी-खरी गजब अंगड़ाई मे खिली मोहकता तेरी जुबां मे प्रीत भरी गजब चाहत मे ढला ईशक नवल है तेरी नैनो नजर सरसरी गजब मेरे प्यार की है तू ख्वाहिश महबूबा तेरी जादूगरी गजब श्याम दास महंत घरघोडा जिला-रायगढ (छग ) »

पाण्डव सा धैर्य धर्म मे संवरिए

? गजल ? पाण्डव सा धैर्य धर्म मे संवरिए कौरव सा न अधम॔ मे संघरिए सांसारिक खुशी चाह के लिखे बेईमानी का न दामन धरिए सत्य सच्चाई संसार का है सुख निज को पहचान खुद निखरिए स्वयं की मेहनत मे है भविष्य कम॔ पूजा की सार्थकता पसारिए अपने पथ-माग॔ खुद तय करना है आत्मविश्वास से स्वंय को परखिए तुम्हारी पहचान तुम्ही से ही है स्वंय को जान सत्य का संग धरिए श्याम दास महंत घरघोडा जिला-रायगढ (छग ) »

बिन तेरे

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सावन का मुग्ध फुहार तू है

सावन का मुग्ध फुहार तू है । बूंदो की रमणीक धार तू है ।। कोमल वाणी मे खिली, आह! लचक सुरीली । खनकती बोली मे ढली, ओह!आवाज सजीली सावन झड़ी मस्त बहार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। हवा की मादकता मधुर, सरसराहट मे निखरी अजब, बदन मे ऊमंग की सजी, कशमकशाहट अजब।। सावन की बेला साकार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। पानी मे नहाया यौवन, सांसो मे रफ्तार बढाये। दृश्य सावन मे लाजवाब, मन मे चाहते प्यार जग... »

क्षणिका

क्षणिका ?:– ✍ जब गम सताता है, गाने मैं गुनगुनाता हूं । जब ददं रुलाता है, तराने मैं सजाता हूँ ।। (1) जब रंज बढ आता है, रंगीला मन मै हो जाता हूं । जब जख्म गहराता है, मस्ती मगन मै बो जाता हूँ।। (2) देती है पीड़ा जब चुभन, चुप्पी का राग बन जाता हूं । व्यथा करती है जब भी आहत, प्यार का पराग बन जाता हूँ ।। (4) मालूम है मुझे इंसान हूँ मैं! मानवेत्तर ताग बन जाता हूँ । मिलती है चुनौती जब संघर्ष की करमो... »

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