Tej Pratap Narayan, Author at Saavan - Page 3 of 4's Posts

मोहब्बत की नज़्मों को फिर से गाया जाए

मोहब्बत की नज़्मों को फिर से गाया जाए अपनी आज़ादी को थोड़ा और बढ़ाया जाए हक़ मिला नहीं बेआवाज़ों को आज तक हक़ लेना है तो अब आवाज़ उठाया जाए किसी इंसान को भगवान बनाने से पहले हर इंसान को एक इंसान बनाया जाए कैसे बनेंगे हर रोज़ नए नग़मे क्यों न पुराने नग़मों को ही फिर से गाया जाए गिरने वालों को उठाने की बात करते हैं क्यों न लोगों को गिरने से बचाया जाए बहुत हो चुकी मज़हबी बातें और सियासी बिसातें अब सियासत से मज़हब... »

Poetry

Poetry ———— Poetry is Neither frustration Nor speculation Poetry creates a situation where we get solution Poetry is an inspiration To live and let live Poetry is like meditation Where differences of caste,creed,race,colour ,religion and country dilute As sugar dilutes in water Poetry is an Art of living Art of giving Art of letting and Art of loving . Tej »

पवित्र नारी ही क्यों हो

पवित्र नारी ही क्यों हो पुरुष की पवित्रता का क्या मोल नहीं ? पतिव्रता नारी ही क्यों पुरुष के पत्नी व्रत का क्या कोई तोल नहीं ? सारी सीमाऐं सारी गरिमाएं मर्यादाएं नारियों तक ही सीमित हैं पुरुषों पर कोई जोर नहीं नारी ही सती हो अग्नि परीक्षा भी उसी की हो तुलसी बाबा ताड़न की अधिकारी कहें कबीर जी महा ठगिनी कहें उसी को नकाब लगाना है अपना चेहरा छुपाना है चरणों की दासी भी वही है प्रेम की प्यासी भी वही है उ... »

कुछ न होगा

सिर्फ संकेतो और प्रतीकों से कुछ न होगा सिर्फ परंपरागत तरीक़ों से कुछ न होगा सिर्फ नारे बाज़ी से भी कुछ न होगा सिर्फ आज़ादी से भी कुछ न होगा सिर्फ चेहरे नहीं चरित्र बदलना होगा सिर्फ शतरंज के मोहरो को बदलने से क्या होगा । तेज »

थोड़ी दूरियां भी अच्छी

सुपर डेंस फेज में जब कण होते हैं तब बिस्फोट के कई कारण होते हैं बिग बैंग भी तभी होता है और अणु, परमाणु ,न्यूट्रॉन ,इलेक्ट्रान और प्रोटोन सभी छितरा जाते हैं अणुओं का स्वतंत्र अस्तित्व है क्यों कि उनके बीच अधिक लगाव है और थोडाअलगाव है आकर्षण और थोड़ा प्रतिकर्षण है उनमे आपस में संतलुन है जैसे दो कण आकर्षण के कारण अधिकतम निकट आते हैं तभी उनके बीच प्रतिकर्षण होने लगता है अन्यथा वें घर्षण के कारण एक दूसर... »

चलो थोड़ा जादू करते हैं

चलो थोड़ा जादू करते हैं जनता के दिल को छूती हुई एक कविता लिखते हैं झोपड़ियों में पल रही भूख से टकराते हैं छोटे छोटे मासूमों की चीख और डूबती हुई ज़िंदगियों को कविता का विषय बनाते हैं लड़ते हैं अफगानिस्तान की पहाड़ियों के बीच पल रहे आतंक से अफ्रीका के अँधेरे से अमेरकियों के पूजी वाद से सीरिया में इस्लामिक स्टेट से टकराते हैं ईराक़ और ईरान की कुछ बाते करते हैं नक्सलियों के नक्सलवाद से मिलते है आओ राजधानी स... »

ज़मी मैल को बहाया जाए

ज़्यादा दिमाग़ न आज लगाया जाए सिर्फ मन में ज़मी मैल को बहाया जाए धर्म और परंपरा की ऐसी भी न कट्टरता हो कि होलिका की तरह औरत को जलाया जाए सौहार्द और प्यार का रंग भरकर मन में जो रूठे हैं आज उनको मनाया जाए रंगो ,अबीरों और गुलालों की बारिश करके दिल को पानी कर ,पानी को बचाया जाए »

जिन बाज़ारों में बड़ी रौनक़ है

जिन बाज़ारों में बड़ी रौनक़ है कल सन्नाटा उनमे छाएगा बंद होनी हैं दुकाने सब ऐसा बाज़ार नहीं रह पाएगा नफ़रत के अंधेरों में जो सौदेबाज़ी होती है जिन जिन लोगों की भी उसमे हिस्से दारी होती है अब ये सौदा न हो पाएगा और न हिस्सा भी मिल पाएगा न ऊपर से फ़रिश्ते आएंगे और न दूर से परिंदे आएंगे अपने अपने हक़ की खातिर इस धरती से निकल सब आएंगे धूप छन छन के अब आएगी सारे परदे जल जाएंगे छिपा रहा जो सदियों से अब वह न छिप प... »

बहुत ज़रूरी है

अच्छी कविताएँ लिखना उतना महत्वपूर्ण नही है उन्हें अच्छे से प्रमोट होना बहुत ज़रूरी है ऑफिस में काम भी उतना आवश्यक नहीं आपका गुड बुक्स में नोट होना बहुत ज़रूरी है सामाजिक प्रतिबद्धता उतनी महत्वपूर्ण नहीं है दिखावे के लिए ही सही कुरीतियों पर चोट होना बहुत ज़रूरी है लोकतंत्र में जनता का शासन होना अनिवार्य नहीं जनता का चुनाव में सिर्फ वोट होना बहुत ज़रूरी है जनता भूखी मरती है तो मरती रहे सरकार के लिए उद्य... »

poetry

Poetry is Neither frustration Nor speculation Poetry creates a situation where we get solution Poetry is an inspiration To live and let live Poetry is like meditation Where differences of caste,creed,race,colour ,religion and country dilute As sugar dilutes in water Poetry is an Art of living Art of giving Art of letting and Art of loving . Tej »

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