Vikas Bhanti, Author at Saavan - Page 2 of 2's Posts

4 Liner#1

मिलती गर इज़ाज़त, थोड़ी सी मोहलत मांग लेता | पिंजरे की दाल छोड़कर, आसमानों की भांग लेता || चल पड़ता जहाँ बढ़ते कदम, मुड़ता बस नज़र की ओर | उतार देता थैला काँधे से , नौकरी खूंटी पर टांग देता || –‪#‎विकास_भान्ती‬ »

Page 2 of 212