माईने

सच और झूठ के माईने बदल गए,
ऐसा हुआ क्या के आईने बदल गए,

साध के बनाई जब हाथों की लकीरें,
तो राहों में लोग क्यों लाईने बदल गए,

राही अंजाना

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