सच में सब कुछ बदल गया

सच में सब कुछ बदल गया

इंसान का जुबान बदल गया
राजाओ की कहानी बदल गया
अल्हड़ मदमस्त जवानी बदल गया
यारो की यारी बदल गया
फितरत होश जिन्दगी बदल गया
सच में बहुत कुछ बदल गया

रहने का तरिका बदल गया
स्वभाव तौर तरिका बदल गया
संस्कार का लिहाज बदल गया
अदब बडप्पन बदल गया
जुबान का स्वाद बदल गया
सच में बहुत कुछ बदल गया

प्रकृति का हाल बदल गया
इंसान का चाल बदल गया
नौजवान का संस्कार बदल गया
नीम का कड़वा स्वाद बदल गया
मिठे से मधुमेह हो गया
सच में सबकुछ बदल गया

नमक का स्वाद बदल गया
मिट्टी का रंगत बदल गया
हाथो के ठाले बदल गये
खाने के निवाला बदल गया
रहने के तौर तरिका बदल गया
सच में बहुत कुछ बदल गया

महेश गुप्ता जौनपुरी

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Leave a Reply