“ख़ुशी” #2Liner-9

ღღ___अच्छे-बुरे का हिसाब, हम नहीं रखते “साहब”
.
हम तो बस वो करते हैं, जिसमें तुमको ख़ुशी मिले !!…….‪#‎अक्स‬

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

A CA student by studies, A poet by passion, A teacher by hobby and a guide by nature. Simply I am, what I am !! :- "AkS"

Related Posts

आज कुछ लिखने को जी करता है

“ना पा सका “

“ना पा सका “

“मैं कौन हूँ”

“मैं कौन हूँ”

10 Comments

  1. Kapil Singh - November 29, 2015, 11:37 am

    saaheb,achi lines he, padkar khushi mili

  2. Ajay Nawal - November 29, 2015, 7:51 pm

    Gajab ka sher

  3. Anirudh sethi - November 30, 2015, 11:31 am

    Kahar dha rahe ho sir

  4. anupriya sharma - November 30, 2015, 12:49 pm

    nice

Leave a Reply