Mera Sauk nahi hai majduri

मेरा शौक नहीं है मजदूरी ,
बस हालात की है मजबूरी,
चाहे हो चिलचिलाती धूप ,
चाहे हो कड़ाके की ठंड ,
चाहे हो सावन की बरसात,
आप बैठे थे एसी कूलर में,
हम कर रहे थे मजदूरी ,
मेरा शौक नहीं है मजदूरी,
बस हालात की है मजबूरी,
रहने को अपना घर नहीं,
हम महल बना कर देते हैं,
बस इतनी सी इच्छा रखते हैं |
मेरे बच्चे ना रहे भूखे
उनके भी अरमान कुछ पूरे हो
तालीम पा सके आप की तरह
है फटे कपड़े तन पर मेरे
पर खुशियों की चाहत रखते हैं
मिले उचित मजदूरी हमें
बस इतनी सी चाहत रखते हैं

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6 Comments

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी - August 12, 2019, 10:17 pm

    वाह बहुत सुंदर

  2. Manish Chandra - August 13, 2019, 1:27 pm

    good

  3. राही अंजाना - August 13, 2019, 9:42 pm

    वाह

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