“खरोंचे “

ज़िन्दगी कितनी खरोंचे दोगी_?

अब तो रूह का रेशा-रेशा भी छील गया_

-PRAGYA-

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2 Comments

  1. ashmita - August 15, 2019, 2:16 pm

    उम्दा

  2. Poonam singh - August 16, 2019, 8:32 pm

    Nice

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