वही पुरानी तसल्ली

सो जाते हैं जो सोचकर,
उन्हे ख्वाब नहीं मिलता।
जिनकी परछाइ होती है मुहब्बत,
उन्हे जवाब नहीं मिलता।

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

4 Comments

  1. Antariksha Saha - June 29, 2019, 5:26 pm

    Bahut khoob

  2. ashmita - June 30, 2019, 10:43 pm

    Nice

  3. Rajneesh Kannaujiya - July 2, 2019, 8:21 pm

    Thankx

Leave a Reply