आँखे

बन्द कर लो बेशक ऑंखें मर्ज़ी तुम्हारी सही,
तुम्हारी आँखों से मुतासिर आँखें हमारी सही।।

राही अंजाना

मुतासिर – प्रभावित

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2 Comments

  1. Antariksha Saha - August 12, 2019, 10:01 am

    Awesome

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