ADITYA MISHRA

  • दोष है आपका,रब का या सरकार का
    झूल गया जो फंदे पर आज खेत वो न जा सका।

    एक कृषक की कहानी क्या यहीं पर खत्म हुई,
    या फिर कुछ बातें उनकी अनकही ही रह गई!

    भाग्य अपने हाथों से है सब यहां लिख रहा
    देश […]